फूलों की होली...

भक्तों ने भगवान संग खेली फूलों की होली, गुरुग्राम में धूमधाम से हुआ आयोजन 

कुलवंत कौर, संवाददाता 

गुरुग्राम। एंबियंस गोल्फ ड्राइव, डीएलफ फेज-3 गुरुग्राम के रेवेरिया कृष्ण हॉल में देर रात तक फूलों की होली का कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अनुपम महोत्सव का आयोजन वृंदावन चंद्रोदय मंदिर द्वारा किया गया। इस अवसर पर वृंदावन चंद्रोदय मंदिर से ठाकुर राधा कृष्ण के विग्रह को लाया गया। दिल्ली-एनसीआर से आए हजारों भक्तों ने प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर में झूलन उत्सव, पालकी उत्सव एवं महाभिषेक का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरूआत भक्तों के समूह के द्वारा संकीर्तण और भजन से की गई। इसके बाद प्रसिद्ध संगीतकार इंडियन आइडल फेम नितिन कुमार ने मधुर भजनों से भक्तों के बीच भक्तिरस का संचार किया। उन्होंने ब्रज और होली के गीत प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोगों ने की उनके गायन की काफी सराहना की। भजन संध्या के बाद विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे पुष्पों से भगवान का अभिषेक किया गया। इस दृश्य को देखकर भक्त प्रभु की भक्ति में लीन हो गए। इसके बाद चंद्रोदय मंदिर के अध्यक्ष श्रीमान चंचलापति दास ने लोगों को होली के महत्व के बारे में बताया। 

इसके बाद ठाकुर राधा-कृष्ण की आरती की गई। इस दौरान सभी भक्तों ने आरती में अपनी सहभागिता दिखाई। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र पालकी उत्सव था। इसमें सभी भक्तों के बीच विभिन्न प्रकार के पुष्पों का वितरण किया गया। इन पुष्पों के साथ भक्तों ने भगवान संग होली खेली। इस दृश्य को लोग कैमरे में कैद करते नजर आए। देर रात तक भक्त हरे रामा-हरे कृष्णा के धुन पर जमकर नाचते नजर आए। चारो तरफ फूलों की बरसात होती दिखी। कोई राधा बनकर तो कोई श्याम बनकर धुन पर खो गए। 

चंद्रोदय मंदिर जानिए

यह चंद्रोदय मंदिर 70 मंजिला और 210 मीटर ऊंचा होगा। इसके अलावा मंदिर की गहराई 55 मीटर है जो बुर्ज खलीफा से भी 5 मीटर अधिक है। मंदिर को 8 रिक्टर स्केल से अधिक तीव्रता का भूकंप भी नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा। यही नहीं यह 170 किलोमीटर की तीव्रता के तूफान को भी झेलने में सक्षम होगा। मंदिर की अन्य खासियतों की बात करें तो इसमें इसकी लंबाई, जंगल और थीम पार्क सबसे ज्यादा आकर्षक माने जा रहे हैं। थीम पार्क में राइड, एनिमेट्रोनिक्स, लाइट, साउंड स्पेशल इफेक्ट जैसी चीजें होंगी। इसके साथ ही वज्र मंडल परिक्रमा के भी शो होंगे। उसमें लेजर लाइट शो, कृष्ण की विभिन्न लीलाएं, वह भी जंगलों में होंगी। इसके अलावा भक्तों के लिए भी सभी सुविधाओं को ध्यान रखा जाएगा।

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