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भवन निर्माण में ग्रीन हाउस के लिए जिंक प्रोडक्ट का हो रहा सफल प्रयोग : अशोक कुमार

बंसी लाल, वरिष्ठ पत्रकार 

नई दिल्ली। मेटल और स्टील एसी धातु है जो कभी न खत्म होने वाली है,इसमें जिंक मेटेरियल बिल्डिंग कोंस्ट्रेक्शंस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि भारत में  है। दिल्ली के पांच सितारा पार्क होटल में पत्रकारों संबोधित किया वही दोनो दिग्गज कंपनियों  भारत मे मेटल ने कंपोजिट पैनल निर्माता अल्यूडेकोर और विश्व प्रसिद्ध जिंक सामग्री के अग्रणी निर्माता नेडजिंक ने बिल्डिंग मेटेरियल छेत्र की कंपनी में  एक सयुक्त समझौता हुआ, इसका मुख्य उद्देश्य हैं कि बिल्डिंग मेटेरियल छेत्र के दोनो उद्यमी भारतीय निर्माण उद्योग में पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ समाधान को पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है।दोनो की भागीदारी भारत में बिल्डिंग मेटेरियल सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि है। 

अल्यूडेकोर के सीएमडी अशोक कुमार भैया ने समझौता हस्ताक्षर पर बताया की आने वाले समय में भवन निर्माण उद्योग में बड़ा स्कोप है।जिंक धातु ज्यादा टिकाऊ होती हैं।वही सौ प्रतिशत रिसाइकलिंग हो जाता है।इसमें मेंटेनेस कम और ज्यादा टिकाऊ समाधान है। उन्होंने बताया कि" हम रोल्ड टाइटेनियम जिंक को फेकेड क्लेडिंग,छत बनाने की सामग्री में और अन्य इनोवेटिव प्रयोगो के लिए उपलब्ध करवाएंगे।

नेडजिंक के ग्रुप बिजनेस डायरेक्टर इरविन स्मीट्स ने बताया कि भारत जेसे विशाल देश में भवन निर्माण और वह भी,नई आधुनिक तकनीकी से बनने वाली बिल्डिंग,हम यहां अपने प्रोडक्ट्स को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने और उच्च क्वालिटी का सामान भी लोगो को मिले इस लिए अल्यूडेकोर के साथ नेडजिंक की एडवांस टेक्नोलोजीऔर हाई  क्वालिटी जिंक शीट बनाने में हमारी विशेषता के साथ उपभोक्ताओं को ऐसे प्रोडक्ट देने जा रहे हैं,जो लंबे समय तक चलने में टिकाऊ होंगे।हमने अपने प्रोडेक्टो से पर्यावरण को कम नुकसान हो,ग्रीन बिल्डिंग बने इसके लिए हमने अंतराष्ट्रीय मापदंडों का भी पालन किया है। इस मौके पर कंस्ट्रेक्शन डेवलपमेंट इंडस्ट्रियल काउंसिल के डायरेक्टर जनरल डा पी आर स्वरूप, और अरविंद खुराना अन्य उपस्थित रहे।

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