गुरु नानक साहेब ने...
गुरु नानक साहेब ने सारी दुनिया को मानवता का संदेश दिया- कुलबन्त सिंह बाट

 


 


पूर्वी दिल्लीः दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रसिद्ध शिक्षण संस्था गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल लोनी रोड शाहदरा में गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व को बड़ी श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी के उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह बाट ने विशेष तौर पर हाजिरी भरते हुए संगतों के साथ दर्शन किए। प्रोग्राम के शुभारंभ पर श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के सहज पाठ के भोग डाले गए। इसके उपरांत अलग-अलग कक्षाओं के स्कूली छात्र/छात्राओं ने शब्द गायन के साथ-साथ गुरु नानक देव जी के जीवन से संबंधित साखी, कविताएं और भाषणों द्वारा विस्तार सहित रोशनी डाली। कार्यक्रम में दिलचस्पी का केंद्र दूसरी कक्षा की छात्रा इकलीन कौर ने अपनी सुरीली आवाज में सोहिला बाणी का गायन करके सभी का मन मोह लिया। स्कूल प्रधानाचार्य सरदार सतवीर सिंह ने इस अवसर पर दिल्ली कमेटी के उपाध्यक्ष, अलग-अलग सिंह सभाओं के मुखियाओं, अभिभावकों और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु नानक देव जी के इस संसार में आने पर समाज में फैला  हुआ अज्ञानता का अंधेरा हमेशा के लिए दूर हो गया।


दिल्ली कमेटी उपाध्यक्ष सरदार कुलवंत सिंह बाट ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि सारी दुनिया में गुरु साहिब का 550 वें प्रकाश पर्व को बड़ी श्रद्धा भावना से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु साहेब को किसी ने पीर समझकर सजिदा किया और किसी ने उनको अपना मुरशिद माना। हम उनके आदर्शों को जीवन में समाहित करें। इस अवसर पर एक पिता ऐकस के हम बारीक के तहत सर्व धर्म सभा का आयोजन किया। सर्व धर्म सभा में अलग-अलग धर्मों के एकेडमिक क्षेत्र से संबंधित विद्वानों, सईय्यैद अली अहमद , डॉक्टर पृथ्वीराज थापर सहित अन्य विद्धानों को मंच पर मुख्यअतिथि कुलवन्त सिंह बाट के द्वारा सरोफा के साथ उनका सम्मान किया।



प्रिंसिपल सुरेंद्रपाल सिंह ने गुरु नानक देव जी को मानवता का सांझा गुरु कहते हुए कहा कि गुरु साहिब ने सारी मानवता का भला करने के लिए देश-विदेश की यात्राएं करते हुए भटकी हुई मानवता को नेकी के रास्ते पर डाला। कार्यक्रम में हाजिर हुई संगतो को प्रोजेक्टर के द्वारा सुंदर पीपीटी से गुरु नानक देव जी के  जीवन संबंधी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में गुरु का लंगर अटूट बांटा   गया।




 

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